Tuesday, December 7, 2010


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घर

ये जो घर है मेरा, सब कहते हैं— ये किसी पराए का है; इसकी दीवारें किसी और की, छत भी किसी और की, ये घर बस किराए का है! पर इसकी चाबी, कुछ वक़्त ...