Tuesday, January 13, 2015

सूजी हुई आंखें !


एक टूटी हुई लड़की मजबूत होने की कोशिश कर रही है ,
वह लंबे समय तक बहुत देर तक रात में जागती रहती है।
वह अपने आँसु को छिपाती है ,
वह रोज़ अपने टूटे सपनो की सवारी करती है।
उसे लगा की वह किसी की ज़िन्दगी में मायने रखती है ,
वह सोच ही न सकी की उसका इस्तेमाल हो रहा था।
जिसका पता लगते ही उसे गहरी चोट लगेगी ।
सूजी हुई आंखों के साथ वह हर दिन सुबह उठती ,
उठते ही आँखों को पानी से धोती ,
वह यह सोच रही थी की शायद पानी उसके सरे ग़म धो देगा।
वह दर्पण में देख केर बोली, मैं ठीक हूँ ,
कुछ सीधे खड़े हुई और एक नकली मुस्कान भरी ।
वह हर दिन इसी तरह शुरू करती ,
और एक व्यस्त दिन के पीछे अपने भारी दिल को छुपाती।
वो रोज़ आँखें बंद करती ये सोच कर कि अब वो मरतेदम तक उसे याद नहीं करेगी,
और अगले दिन फिर वह गले में खराश और आँखों में सूजन के साथ जागती है ।

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Happy Women's Day!!!

  Just like Padmasana,  she crosses her ankles like shape of infinity  upholding her family and their integrity.  She is that Lotus blooms i...